प्रयागराज के करछना में पुलिस चेकिंग के दौरान अधिवक्ताओं से कथित मारपीट
प्रयागराज के करछना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान अधिवक्ता से कथित मारपीट के बाद बार एसोसिएशन ने थाने का घेराव किया। कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी।
थाने का घेराव; “जब वकील सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक का क्या?”
प्रयागराज जिले के करछना क्षेत्र में पचदेवरा ओवरब्रिज के पास पुलिस चेकिंग के दौरान एक अधिवक्ता से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में सैकड़ों अधिवक्ता करछना थाना पहुँचे और संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की माँग की। अधिवक्ता संघ ने कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
घटनाक्रम
- पचदेवरा ओवरब्रिज के पास पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।
- भरहा गांव निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता यादव प्रसाद पटेल के पुत्र बलजीत सिंह पटेल (एडवोकेट) अपने दो बच्चों के साथ बाजार जा रहे थे।
- हेलमेट न पहनने पर एसआई राहुल सिंह द्वारा चालान काटे जाने के बाद कथित रूप से कहासुनी हुई।
- आरोप है कि कहासुनी के दौरान एसआई ने थप्पड़ मारा और अन्य पुलिसकर्मियों ने मारपीट की।
- सूचना मिलने पर पहुँचे अधिवक्ता आशुतोष सिंह के साथ भी बिना पूछताछ मारपीट का आरोप लगाया गया।
घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता करछना थाने पहुँचे और घेराव कर संबंधित पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की माँग करने लगे।
अधिवक्ताओं का आक्रोश
बार एसोसिएशन करछना के पदाधिकारियों अध्यक्ष संजय कुमार पांडेय, महामंत्री शिवेंद्र सिंह प्रिंस, पूर्व महामंत्री हंसराज सिंह, पूर्व अध्यक्ष चिंतामणि शुक्ला, उपाध्यक्ष ज्ञान सिंह पटेल और पूर्व उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
अधिवक्ताओं का कहना है कि:
- पुलिस मनगढ़ंत तरीके से स्वयं को चोटिल दिखाकर अधिवक्ताओं को फँसाने का प्रयास कर रही है।
- यदि पुलिस अधिवक्ताओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार कर सकती है, तो आम नागरिकों के साथ क्या होता होगा? यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक और दयनीय है।
- यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा का प्रश्न है।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
थाना प्रभारी प्रवीण कुमार गौतम ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। सूचना पर एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह थाने पहुँचे।
व्यापक प्रश्न
यह घटना पुलिस-जन संबंधों पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि कानून के जानकार और न्यायालय से जुड़े लोग भी स्वयं को असुरक्षित महसूस करें, तो कानून-व्यवस्था पर जनविश्वास प्रभावित होता है। फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जाँच, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों के चिकित्सीय परीक्षण के आधार पर ही तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
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