प्रयागराज में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई
प्रयागराज में एंटी करप्शन टीम ने बारा थाना प्रभारी विनोद कुमार सोनकर को 75 हज़ार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने एक आपराधिक मामले में फाइनल रिपोर्ट देने के बदले आम आदमी से रिश्वत माँगी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज, आगे की जांच जारी है।
बारा थाना प्रभारी विनोद कुमार सोनकर को 75 हज़ार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
प्रयागराज (यमुनापार) में बुधवार को उत्तर प्रदेश के एंटी करप्शन विभाग ने बारा थाना प्रभारी विनोद कुमार सोनकर को 75 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए थाने के भीतर ही गिरफ्तार किया। आरोप है कि सोनकर ने एक लंबित मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट (क्लोज़र रिपोर्ट) देने के नाम पर शिकायतकर्ता से अवैध रकम की माँग की थी। शिकायत के आधार पर टीम ने गुप्त सत्यापन और ट्रैप ऑपरेशन किया, जिसमें वे रकम लेते ही धराए गए। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुक़दमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
शिकायत और प्रारंभिक जाँच
भदोही जिले के लुकमनपुर, सूरतियावां थाना क्षेत्र निवासी शिकायतकर्ता संतोष कुमार दुबे ने एंटी करप्शन विभाग में लिखित शिकायत की कि बारा थाना प्रभारी ने उनकी मामले को बंद कर फ़ाइनल रिपोर्ट देने के बदले 75 हज़ार रुपये रिश्वत माँगी। शिकायत के आधार पर विभाग ने गुप्त सत्यापन और प्रारंभिक जाँच की, जिसमें आरोपों को गंभीर पाया गया। इससे यह संकेत मिला कि मामले में अनियमितता हुई थी।
ट्रैप ऑपरेशन और गिरफ्तारी
जाँच के बाद एंटी करप्शन विभाग ने निरीक्षक मृत्युंजय कुमार मिश्र के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम का गठन किया और ट्रैप ऑपरेशन के लिए योजना बनाई।
- 18 फरवरी 2026, दोपहर लगभग 2:40 बजे, शिकायतकर्ता पहले से मार्क की हुई रकम लेकर बारा थाना पहुँचा।
- फोन पर हुई बातचीत के बाद इंस्पेक्टर सोनकर ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया।
- जैसे ही शिकायतकर्ता से 75 हजार रुपये स्वीकार किए, टीम ने सोनकर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
- मौके पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की गईं और उन्हें घूरपुर थाना ले जाया गया।
आरोप व कार्यवाहियाँ
- आरोप है कि सोनकर ने एक आपराधिक मामले को बंद (क्लोज़र/फाइनल रिपोर्ट) करने के लिए अवैध रूप से पैसे की डिमाँड की।
- गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ Prevention of Corruption Act, 1988 की धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर आगे की पूछताछ व जाँच जारी है।
- सूत्रों के अनुसार, सोनकर मूलतः वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र के निवासी हैं और 2012 में सब-इंस्पेक्टर से प्रमोट होकर इंस्पेक्टर बने थे। वे प्रयागराज में कई थानों में तैनात रहे।
क्या यह एकल मामला है?
यह गिरफ्तारी अकेली नहीं है। एंटी करप्शन टीम ने पिछले कुछ समय में कई सरकारी कर्मचारियों, पुलिस अधिकारियों और स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ ट्रैप ऑपरेशन आधारित कार्यवाहियाँ तेज़ की हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रयागराज संभाग में वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के मामलों में पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे शिकायतकर्ताओं में जागरूकता बढ़ी है और रिपोर्टिंग तेज़ हुई है।
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