पिलखाना हत्याकांड पर SFI–DYFI का प्रदर्शन, गोलाबाड़ी थाने में सौंपा ज्ञापन

हावड़ा के पिलखाना हत्याकांड के विरोध में SFI–DYFI का गोलाबाड़ी थाने के बाहर प्रदर्शन। आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

Mar 2, 2026 - 12:40
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पिलखाना हत्याकांड पर SFI–DYFI का प्रदर्शन, गोलाबाड़ी थाने में सौंपा ज्ञापन
पार्टी नेत्री

हावड़ा। पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के पिलखाना इलाके में 24 फरवरी 2026 को हुई चर्चित गोलीकांड की घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। रियल एस्टेट कारोबारी शफीक खान की तड़के गोली मारकर हत्या के विरोध में सोमवार को छात्र-युवा संगठन SFI और DYFI ने गोलाबाड़ी थाना परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जाँच और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की माँग की।

क्या है पूरा मामला?

24 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे पिलखाना के सेकंड बाई लेन में चाय की दुकान के पास शफीक खान पर दो हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने सामने से बातचीत में उलझाया, जबकि दूसरे ने पीछे से सिर और सीने में गोली दाग दी। हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना गोलाबाड़ी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई और आसपास लगे CCTV कैमरों में वारदात रिकॉर्ड हो गई। स्थानीय लोगों ने शफीक को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

संभावित कारण: रंजिश या रंगदारी?

पुलिस जाँच में फिलहाल लेन-देन विवाद और पुरानी रंजिश को प्राथमिक एंगल माना जा रहा है। परिवार ने आर्थिक विवाद को हत्या की वजह बताया है। कुछ स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक राजनीतिक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

आरोपी और जाँच की स्थिति

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी मोहम्मद हारुन खान (उर्फ हारुल) और रोहित फरार हैं। 25–26 फरवरी को कोलकाता के जोड़ासांको इलाके से हारुन को शरण देने के आरोप में तीन व्यक्तियों मोहम्मद बिलाल, मोहम्मद वकील और दिलदार हुसैन को गिरफ्तार किया गया है। डीसी स्तर के अधिकारी ने बताया कि CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है। गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दबिश दी जा रही है। विदेश भागने की आशंका के मद्देनजर भी निगरानी बढ़ाई गई है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

थाने के बाहर प्रदर्शन

हत्या के विरोध में SFI और DYFI के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गोलाबाड़ी थाने के बाहर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग के सामने धरना दिया और प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित कर ली गई।

ज्ञापन में प्रमुख माँगें:

  • हत्या के मुख्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी
  • पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजा
  • पारदर्शी और समयबद्ध जाँच
  • इलाके में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करना

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जाँच तेजी से आगे बढ़ रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

इलाके में माहौल

घटना के बाद पिलखाना क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कई व्यापारियों ने एहतियातन दुकानें बंद रखीं। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।पिलखाना की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संवेदनशीलता से जुड़ा मामला बन चुकी है। एक ओर पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर छात्र-युवा संगठनों का दबाव प्रशासन पर कार्रवाई तेज करने के लिए बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में गिरफ्तारी और जाँच की प्रगति इस मामले की दिशा तय करेगी।

 

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सुशील कुमार पाण्डेय मैं, अपने देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा पर हूँ, यही मेरी पहचान है I