हिंदी मेला में कोलकाता कविता उत्सव का लोगों ने लिया रसास्वादन
31वें हिंदी मेले के दूसरे दिन काव्य, संगीत, नाटक और युवा अभिव्यक्ति का समृद्ध संगम देखने को मिला। काव्य राग की संगीतमय प्रस्तुति और कोलकाता कविता उत्सव ने हिंदी साहित्य को एक जीवंत सांस्कृतिक उत्सव के रूप में स्थापित किया।
काव्य राग में आधुनिक कविता की संगीतमय गूँज
कोलकाता, 27 दिसंबर। सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन और भारतीय भाषा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 31वां हिंदी मेला के दूसरे दिन साहित्य, संगीत और युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा का भव्य उत्सव देखने को मिला। पूरे दिन चले कार्यक्रमों ने यह प्रमाणित किया कि हिंदी आज भी केवल भाषा नहीं, बल्कि संवेदना, सृजन और सांस्कृतिक संवाद का जीवंत माध्यम है।
साहित्य, स्वर और संवेदना का संगम
हिंदी मेले के दूसरे दिन का सबसे आकर्षक पक्ष रहा कोलकाता कविता उत्सव, जिसमें देश के प्रतिष्ठित और समकालीन कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। कविताओं में समकालीन समाज, स्त्री संवेदना, हाशिए का यथार्थ, राजनीतिक विडंबनाएँ और मानवीय संघर्ष पूरे प्रभाव के साथ उभरे। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही काव्य राग के अंतर्गत आधुनिक हिंदी कविताओं की संगीतमय प्रस्तुति। चर्चित काव्य गायिका चिन्मय त्रिपाठी और काव्य गायक जोएल मुखर्जी ने कविता और संगीत के अद्भुत समन्वय से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शब्द जब सुरों से मिले तो सभागार में उपस्थित दर्शकों ने लंबे समय तक तालियों से कलाकारों का अभिनंदन किया।
युवा अभिव्यक्ति का मंच: आशु भाषण प्रतियोगिता
आशु भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और युवाओं ने सामाजिक, सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों पर बेझिझक अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल में डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव, डॉ. आदित्य विक्रम सिंह और कुमार किसलय शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में-
- शिखर सम्मान – पीयूष साव (प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय)
- प्रथम स्थान – पम्मी सिंह (सेंट ल्युक्स डे स्कूल)
- द्वितीय स्थान – शगुन सिंह (सेंट ल्युक्स डे स्कूल)
- तृतीय स्थान – आशुतोष राउत (तालंदु बी.एड कॉलेज)
- प्रथम विशेष – शिल्पी गुप्ता (ऋषि बंकिम चंद्र कॉलेज फॉर वूमेन)
- द्वितीय विशेष – धृति प्रसाद (ओरिएंटल पब्लिक स्कूल) प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, भाषा-प्रवाह और विचारों की स्पष्टता ने निर्णायकों और दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
सृजनात्मक प्रयोग: कविता कोलाज प्रतियोगिता
कविता कोलाज प्रतियोगिता में कविता, दृश्य और विचार के रचनात्मक प्रयोग देखने को मिले। निर्णायक के रूप में डॉ. अभिज्ञात, डॉ. विनय मिश्र और डॉ. कमल कुमार उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे-
- शिखर सम्मान - स्वतंत्र दल (आदित्य तिवारी)
- प्रथम स्थान - बेथुन कॉलेज समूह
- द्वितीय स्थान - ऋषि बंकिम चन्द्र सांध्य महाविद्यालय समूह
- तृतीय स्थान - विद्यासागर विश्वविद्यालय समूह
- प्रथम विशेष स्थान - हाजीनगर आदर्श हिंदी बालिका विद्यालय समूह
- द्वितीय विशेष स्थान - श्री हरि उच्च विद्यालय समूह
इन प्रस्तुतियों ने यह दिखाया कि युवा पीढ़ी कविता को केवल पाठ नहीं, बल्कि दृश्य और विचारात्मक अनुभव के रूप में देख रही है।
कोलकाता कविता उत्सव: शब्दों का उत्सव
कोलकाता कविता उत्सव में नरेश सक्सेना, अनिल त्रिपाठी, मृत्युंजय कुमार सिंह, शहंशाह आलम, महेश आलोक, अंजुमन आरा, विनय सौरभ, प्रशांत रमण रवि, संध्या निवेदिता, ज्योति शोभा, सावित्री बड़ाईक, प्रतिभा चौहान, मनीष यादव, निर्मला पुतुल, राज्यवर्द्धन, सुनील कुमार शर्मा, निर्मला तोदी, गीता दुबे, श्री संजय, चाहत अन्वी, शैलेश गुप्ता, रश्मि शर्मा, अनिला राखेचा और रामप्रवेश रजक सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया। इन कविताओं में समकालीन भारत की धड़कन, पीड़ा, प्रतिरोध और उम्मीद स्पष्ट रूप से झलकती रही।
पहले दिन के नाट्य सम्मान भी रहे चर्चा में
मेले के पहले दिन आयोजित लघु नाटक प्रतियोगिता के परिणामों की भी इस अवसर पर सराहना की गई।
- शिखर सम्मान – नाट्य मंच
- प्रथम स्थान – आदर्श हिंदी नाट्य मंच
- द्वितीय स्थान – स्वतंत्र दल
- तृतीय स्थान – बेथुन कॉलेज
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – संदीप भारती
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – अश्किल मिश्रा
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – रेशमा ख़ातून
- सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार – इतिका मिश्रा
सामूहिक प्रयास से सफल आयोजन
कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय यादव, रविंद्र शर्मा, हरे कृष्ण यादव, अनुराधा भगत, स्वीटी भगत, सुमिता गुप्ता, अनूप प्रसाद, सत्यम पांडेय, फूलचंद राम, सुब्रत साहा, अंकित कुमार, अंशिका और प्रमोद महतो का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का सशक्त और जीवंत संचालन आनंद गुप्ता, कलावती कुमारी, हंस राज, आकांक्षा आदित्य, सुषमा कुमारी, ज्योति चौरसिया, विशाल साव और राज घोष ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शिव प्रकाश दास ने प्रस्तुत किया।
What's Your Reaction?

