प्रयागराज: साइबर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह निलंबित; लापरवाही पर सख्त एक्शन
प्रयागराज साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह सस्पेंड। जानें क्यों डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने की यह बड़ी कार्रवाई और क्या है फर्जी वेबसाइट मामला।
प्रयागराज, 20 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर सामने आई है। साइबर क्राइम थाने में तैनात इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह को कर्तव्य पालन में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के चलते निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी गंगानगर एवं साइबर क्राइम अधिकारी कुलदीप सिंह गुनावत की रिपोर्ट के आधार पर यह कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
मुख्य कारण: फर्जी वेबसाइट गिरोह को बचाने का संदेह?
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह पर एक विशेष साइबर-फर्जी वेबसाइट मामले की विवेचना में गंभीर शिथिलता बरतने के आरोप हैं। जाँच में पाया गया कि उन्होंने गिरफ्तार आरोपी से न तो गहन पूछताछ की और न ही गिरोह के अन्य सदस्यों को बेनकाब करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि उनकी इस 'ढीली विवेचना' के कारण गिरोह के अन्य मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त से दूर रह गए।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी
निलंबन का दूसरा प्रमुख कारण अनुशासनहीनता बताया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, इंस्पेक्टर सिंह ने जाँच के महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया। डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत के नेतृत्व में हुई समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि उन्होंने बार-बार दिए गए निर्देशों की फिलहाल पूरी तरह अनदेखी की, जिसे विभाग ने 'सेवा नियमावली' का उल्लंघन माना।
पुलिस महकमे में हड़कंप और चेतावनी
इस निलंबन के साथ ही प्रयागराज पुलिस के उच्चाधिकारियों ने अन्य पुलिसकर्मियों को भी सख्त संदेश दिया है। "विवेचना में किसी भी प्रकार की कोताही या अपराधियों को लाभ पहुँचाने वाली ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से नहीं करेंगे, उन पर इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
प्रयागराज साइबर थाने के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह को डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत की सिफारिश पर निलंबित कर दिया गया है। उन पर फर्जी वेबसाइट घोटाले की जाँच में लापरवाही बरतने, आरोपियों से सांठ-गांठ का संदेह और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश न मानने का आरोप है। वर्तमान में मामले की विस्तृत विभागीय जाँच जारी है।
What's Your Reaction?

