इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अपनाया डिजिटल मॉडल: वकीलों और वादियों को मिलेंगी ये ऑनलाइन सुविधाएँ
अधिवक्ता सदस्यों, वादकारियों को नहीं लगानी होगी लाइन, डिजिटल माध्यम से फ़ोटो आइडेंटिफिकेशन सहित सभी काम खुद कर सकेंगे.
प्रयागराज : प्रयागराज के इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने वकीलों और वादी-प्रतिवादियों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए अपने कार्यालय को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। इस पहल से बार एसोसिएशन के कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा बढ़ेगी। अब न तो वकीलों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा और न ही वादियों को फोटो पहचान या अन्य कार्यों के लिए बार कार्यालय के चक्कर काटने होंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी और कार्यकारिणी सदस्यों ने इस ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत की घोषणा की।
डिजिटल प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ
नई ऑनलाइन प्रणाली के तहत वकील और वादी-प्रतिवादी कई सुविधाओं का लाभ एक क्लिक में उठा सकेंगे। ये सुविधाएँ निम्नलिखित हैं:
- आसान प्रोफाइल निर्माण और संशोधन
अधिवक्ताओं को www.hcbaald.in वेबसाइट पर जाकर अपना प्रोफाइल बनाना होगा। मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए प्रोफाइल सक्रिय होने के बाद, वकील स्वयं अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। इसमें बैंक खाते का सत्यापन, अधिवक्ता निधि से संबंधित जानकारी, और अन्य संशोधन शामिल हैं। - सदस्यता और डायरेक्टरी की सुविधा
बार एसोसिएशन की सदस्यता के लिए अब कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन फॉर्म के जरिए आवेदन किया जा सकता है। साथ ही, सभी अधिवक्ता सदस्यों की डायरेक्टरी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे देखा और डाउनलोड किया जा सकता है। - फोटो पहचान की डिजिटल प्रक्रिया
वादियों को फोटो पहचान के लिए लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी। वे स्वयं या अपने वकील के माध्यम से मोबाइल से ऑनलाइन भुगतान कर रसीद प्राप्त कर सकेंगे। इस रसीद के आधार पर फोटो खिंचवाया जा सकेगा। - चिकित्सकीय सहायता और वित्तीय पारदर्शिता
चिकित्सकीय सहायता के लिए अधिवक्ता अपनी प्रोफाइल में जरूरी बदलाव कर सकेंगे। इसके अलावा, बार एसोसिएशन की आय-व्यय का पूरा ब्योरा जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध होगा, जिससे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
भ्रष्टाचार पर अंकुश
अध्यक्ष अनिल तिवारी ने बताया कि ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य न केवल सुविधा बढ़ाना है, बल्कि भ्रष्टाचार को भी रोकना है। उन्होंने वकीलों और वादियों से अपील की कि वे फोटो पहचान और अन्य कार्यों के लिए ऑनलाइन भुगतान का उपयोग करें। इससे नकद लेनदेन से जुड़ी अनियमितताओं को रोका जा सकेगा। तिवारी ने जोर देकर कहा कि डिजिटल प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगी, जिससे बार एसोसिएशन का कार्य अधिक विश्वसनीय और कुशल बनेगा।
क्यों है यह पहल महत्वपूर्ण?
इलाहाबाद हाईकोर्ट, देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित न्यायालयों में से एक है, जहां हजारों वकील और लाखों वादी-प्रतिवादी रोजाना कार्य करते हैं। पारंपरिक प्रणाली में कागजी कार्रवाई, लंबी कतारें, और देरी आम समस्याएँ थीं। डिजिटल प्रणाली इन समस्याओं को खत्म करने का एक प्रभावी उपाय है। यह न केवल समय और संसाधनों की बचत करेगी, बल्कि वकीलों और वादियों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाएगी।
भविष्य की योजनाएँ
अनिल तिवारी ने बताया कि भविष्य में और भी डिजिटल सुविधाएँ जोड़ी जाएँगी। बार एसोसिएशन का लक्ष्य है कि सभी सेवाएँ पूरी तरह ऑनलाइन हों, ताकि वकीलों और वादियों को एक आधुनिक, तेज, और पारदर्शी मंच मिले। इसके लिए तकनीकी उन्नयन और प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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