भाषाई विविधता का केंद्र बना सिलीगुड़ी साहित्य महोत्सव-2026

सिलीगुड़ी साहित्य महोत्सव–2026 में प्रो. नंदिनी साहू ने AI, डिजिटल मानविकी और भाषाई विविधता पर महत्वपूर्ण विचार रखे। आठ भाषाओं की सहभागिता ने आयोजन को खास बनाया।

Mar 25, 2026 - 18:40
Mar 25, 2026 - 18:41
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भाषाई विविधता का केंद्र बना सिलीगुड़ी साहित्य महोत्सव-2026
प्रो. नंदिनी साहू का सम्मान

सिलीगुड़ी (24 मार्च) सिलीगुड़ी साहित्यिक संस्थाद्वारा आयोजित सिलीगुड़ी साहित्य महोत्सव-2026’ इस वर्ष भाषाई विविधता, बौद्धिक विमर्श और सांस्कृतिक समावेशन का जीवंत मंच बनकर सामने आया। कार्यक्रम में हिंदी विश्वविद्यालय (हावड़ा, पश्चिम बंगाल) की माननीय कुलपति प्रो. नंदिनी साहू ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए समकालीन वैश्विक और बौद्धिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।

अपने संबोधन में प्रो. साहू ने विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव और उसके नैतिक उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज का समय डिजिटल मानविकीऔर उत्तर-सत्यके दौर का है, जहाँ ज्ञान की शुद्धता और शैक्षणिक ईमानदारी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से अपील की कि वे तकनीक का उपयोग विवेकपूर्ण और नैतिक दृष्टि से करें।

कार्यक्रम में महिलाओं की समानता, समकालीन साहित्य की दिशा और समाज में साहित्य की भूमिका पर भी गंभीर चर्चा हुई। महोत्सव की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी समावेशी सोच रही, जिसमें विभिन्न भाषाओं, आयु वर्गों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के प्रतिभागियों को समान अवसर प्रदान किया गया।

बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को जीवंत बना दिया, जो इस बात का संकेत था कि साहित्य और संस्कृति के प्रति जुड़ाव बचपन से ही विकसित किया जा रहा है।

समारोह के दौरान प्रसिद्ध विदुषी संयुक्ता दासगुप्ता ने प्रो. नंदिनी साहू को सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रो. साहू ने अपना कविता संग्रह मेडूसा आयोजक सुब्रत दत्ता को भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की।

भारत की भाषाई समृद्धि को दर्शाते हुए महोत्सव में आठ भाषाओं की प्रस्तुति हुई, जिनमें विलुप्त होने के कगार पर खड़ी टोटोभाषा ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रो. साहू ने इस भाषा पर भविष्य में शोध करने की इच्छा भी व्यक्त की।

इस सफल आयोजन के लिए आयोजक सुब्रत दत्ता और डॉ. सुदीप्तो चटर्जी विशेष रूप से बधाई के पात्र रहे, जिन्होंने विद्वत्ता, रचनात्मकता और सामाजिक चेतना को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। कार्यक्रम के अंत में समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

 

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पूजा अग्रहरि पूजा अग्रहरि ने 2020 में दैनिक विश्वमित्र से पत्रकारिता की शुरुआत की। युवा शक्ति और जागो देश यूट्यूब चैनलों से जुड़ने के बाद, वर्तमान में पिछले 1 वर्ष से ‘जागो टीवी’ वेब पोर्टल में कंटेंट राइटर हैं। ‘कोई और राकेश श्रीमाल’ पुस्तक की सह-संपादक रही हैं। आपने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, कोलकाता केंद्र से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है।