विपक्ष ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग की, पहलगाम आतंकी हमले और सीज़फायर पर चर्चा को बताया जरूरी
दोनों पत्रों से स्पष्ट है कि विपक्ष पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर और सीज़फायर जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में खुली चर्चा चाहता है। विपक्ष ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे इन मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर देश को एकजुट संदेश दें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करें।
दिनांक 10 और 11 मई 2025 को विपक्ष के दोनों सदनों के नेताओं राहुल गांधी (लोकसभा) और मल्लिकार्जुन खड़गे (राज्यसभा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग की है। यह माँग हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के बीच सीज़फायर की ताजा घोषणाओं के संदर्भ में की गई है।
पत्रों की मुख्य बातें
1. राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा 10 मई 2025 का पत्र
- राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में विपक्ष की सर्वसम्मत माँग को दोहराया है कि संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए।
- उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित सीज़फायर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा आवश्यक है।
- राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह देश की सामूहिक एकजुटता दिखाने का अवसर है।
- उन्होंने प्रधानमंत्री से इस माँग को गंभीरता और शीघ्रता से विचार करने का अनुरोध किया।
2. मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा 11 मई 2025 का पत्र
- खड़गे ने अपने पत्र में याद दिलाया कि 28 अप्रैल 2025 को भी इसी माँग को लेकर पत्र लिखा गया था।
- उन्होंने लिखा कि विपक्ष के सभी दलों की ओर से संसद का विशेष सत्र बुलाने की एकमत माँग है।
- पत्र में पहलगाम आतंकवादी घटना, ऑपरेशन सिंदूर और वाशिंगटन डीसी व भारत-पाकिस्तान सरकारों द्वारा घोषित सीज़फायर पर चर्चा की आवश्यकता बताई गई है।
- खड़गे ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में इस माँग का समर्थन किया है।
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